Srijan Ke Phool

· Syahi Prakashan
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Poet Nandlal Rajbhar 'Nandu' is counted among the simple and straightforward writers of Varanasi. This book of his 'Srijan Ke Phool' has been published by 'Syahi Prakashan' in 2024. Its novel cover has also become very beautiful.


Many books of ordinary poetry creation can be found, but you would not have seen a book of selected flowers of creation in many books of poetry creation. Nandlal Rajbhar 'Nandu', a writer of very straightforward and simple nature, has prepared this bouquet by selecting selected flowers from his many creative flowers. The poetry collection 'Srijan Ke Phool' contains representative works of his soft emotions. Which have more emotional inclination.


This book is being read again by the readers in the second edition and in a new look. It is hoped that its demand will continue to increase among the readers, due to which its further editions will also come among us soon. Written by poet Nandlal Rajbhar 'Nandu' ji and edited by famous editor and publisher Pandit Chatish Dwivedi 'Kunthit', this book is very easy to understand and readable.


कवि नंदलाल राजभर ‘नंदू’ वाराणसी के सहज व सादगी पूर्ण लेखकों के समाज में गिने जाते हैं। उनकी प्रस्तुत यह पुस्तक ‘सृजन के फूल’ ‘स्याही प्रकाशन’ से 2024 में प्रकाशित हुई है। इसका नूतक आवरण भी बहुत खूबसूरत बन पड़ा है।

साधारण काव्य सृजन की बहुत पुस्तकें मिल सकती हैं पर काव्य सृजन की अनेक किताबों में रचना के चुनिन्दा फूलों की किताब आपने नहीं देखी होगी। बेहद सीधे व सरल स्वभाव के लेखक नंदलाल राजभर ‘नन्दू’ ने अपने अनेक रचना पुष्पों में से छांटकर चुनिन्दा पुष्पों से इस गुलदस्ते तैयार किया है। कविता संग्रह ‘सृजन के फूल’ में उनके कोमल भावों की प्रतिनिधि रचनाएं हैं। जिनमें भाव प्रवणता ज्यादा है।

यह पुस्तक दूसरे संस्करण में और नए कलेवर में पाठकों को फिर से पढ़ने को मिल रही है। यह आशा की जा रही है कि पाठकों में इसकी मांग और भी बढ़ती रहेगी जिससे इसके आगे के संस्करण भी शीघ्र हम सबके बीच आएंगे। कवि नंदलाल राजभर ‘नंदू’ जी द्वारा लिखित व विख्यात सम्पादक व प्रकाशक पण्डित छतिश द्विवेदी ‘कुण्ठित’ द्वारा सम्पादित यह पुस्तक काफी सुबोध व पठनीय है



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कवि नंदलाल राजभर ‘नंदू’ वाराणसी के सहज व सादगी पूर्ण लेखकों के समाज में गिने जाते हैं। उनकी प्रस्तुत यह पुस्तक ‘सृजन के फूल’ ‘स्याही प्रकाशन’ से 2024 में प्रकाशित हुई है। इसका नूतक आवरण भी बहुत खूबसूरत बन पड़ा है।

साधारण काव्य सृजन की बहुत पुस्तकें मिल सकती हैं पर काव्य सृजन की अनेक किताबों में रचना के चुनिन्दा फूलों की किताब आपने नहीं देखी होगी। बेहद सीधे व सरल स्वभाव के लेखक नंदलाल राजभर ‘नन्दू’ ने अपने अनेक रचना पुष्पों में से छांटकर चुनिन्दा पुष्पों से इस गुलदस्ते तैयार किया है। कविता संग्रह ‘सृजन के फूल’ में उनके कोमल भावों की प्रतिनिधि रचनाएं हैं। जिनमें भाव प्रवणता ज्यादा है।

यह पुस्तक दूसरे संस्करण में और नए कलेवर में पाठकों को फिर से पढ़ने को मिल रही है। यह आशा की जा रही है कि पाठकों में इसकी मांग और भी बढ़ती रहेगी जिससे इसके आगे के संस्करण भी शीघ्र हम सबके बीच आएंगे। कवि नंदलाल राजभर ‘नंदू’ जी द्वारा लिखित व विख्यात सम्पादक व प्रकाशक पण्डित छतिश द्विवेदी ‘कुण्ठित’ द्वारा सम्पादित यह पुस्तक काफी सुबोध व पठनीय है।


Poet Nandlal Rajbhar 'Nandu' is counted among the simple and straightforward writers of Varanasi. This book of his 'Srijan Ke Phool' has been published by 'Syahi Prakashan' in 2024. Its novel cover has also become very beautiful.


Many books of ordinary poetry creation can be found, but you would not have seen a book of selected flowers of creation in many books of poetry creation. Nandlal Rajbhar 'Nandu', a writer of very straightforward and simple nature, has prepared this bouquet by selecting selected flowers from his many creative flowers. The poetry collection 'Srijan Ke Phool' contains representative works of his soft emotions. Which have more emotional inclination.


This book is being read again by the readers in the second edition and in a new look. It is hoped that its demand will continue to increase among the readers, due to which its further editions will also come among us soon. Written by poet Nandlal Rajbhar 'Nandu' ji and edited by famous editor and publisher Pandit Chatish Dwivedi 'Kunthit', this book is very easy to understand and readable.


कवि नंदलाल राजभर ‘नंदू’ जी द्वारा लिखित व विख्यात सम्पादक व प्रकाशक पण्डित छतिश द्विवेदी ‘कुण्ठित’ द्वारा सम्पादित यह पुस्तक काफी सुबोध व पठनीय है।

Written by poet Nandlal Rajbhar 'Nandu' ji and edited by famous editor and publisher Pandit Chatish Dwivedi 'Kunthit', this book is very easy to understand and readable.

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